Monday, March 30, 2009

आजतक बन गया पाकिस्तानी चैनल..!

तालिबान का तिलिस्म..... पाक का बटन किसके हाथ में?........पाक की सांप-सीढ़ी........कुछ ऐसे ही नाम आपको सबसे तेज़ चैनल के स्क्रीन पर ज़्यादा समय तक देखने को मिलते होंगे। तो इन्हें देखकर आप घबराइएगा नहीं और ना ही ये सोचेइएगा कि क्या ये सबसे तेज़ चैनल की मूर्खता तो नहीं...। दरअसल आजतक जिस हिसाब से पाकिस्तान से जुड़ी ख़बरें दिखाता है, उतना तो भारत का कोई दूसरा चैनल नहीं दिखाता। यहां तक की टाइम्स नाउ जोकि इंडिया का प्रतिष्ठित अंगरेज़ी न्यूज़ चैनल है, वो भी पाकिस्तान की ख़बरों को उतना तवज्जो से नहीं दिखाता। इसके बावजूद आजतक इन खबरों को इतनी गंभीरता से(या कहें बहुत ही ज्यादा) दिखाता है कि उसमें भारत की ख़बरें दब सी जातीं हैं। चाहे वो सुबह का बुलेटिन हो..या फिर दोपहर का बुलेटिन..या फिर रात नौ बजे का प्राइम टाइम बुलेटिन... ज्यादातार बुलेटिन में, जरदारी, नवाज, मुशर्रफ या फिर कियानी की खबर...। इतनी ज्यादा खबर तो आजतक वाले हर रोज सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा या फिर शाहरुख खान की भी नहीं दिखाते होंगे। शायद आजतक वालों का मानसिक दिवालियापन दिन ब दिन बढ़ रहा है या फिर वाकई वो भारतीय चैनल से पाकिस्तानी चैनल की बनने की फिराक में हैं.....। भारत में न्यूज़ चैनलों की बाढ़ सा आ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर इतने ढेर सारे चैनल हैं कि आजतक प्रतिस्पर्धा से घबरा गया होगा। तभी पाक..पाक और सिर्फ पाक...। या फिर तालिबान या अलकायदा....। भईया आज तक को देखने पर ऐसा लगता है मानो ये चैनल भारतीयों के लिए नहीं पाकिस्तानी और तालिबानी लोगों के लिए चलाया जा रहा है।

डिस्केलमर- मैं आजतक के खिलाफ नहीं हूं। अगर कोई एक आम आदमी जो न्यूज चैनल देखता है उससे आज तक के विषय में पूछा जाए तो वो बता सकता है कि इस चैनल पर पाकिस्तान और तालिबान को लेकर कितनी खिचड़ी पकाई जाती है।

9 comments:

Nitesh Sinha said...

भाई अब ख़बरिया चैनलों की भीड़ से अलग रखने का एक नुस्खा मानिए....या फिर किसी प्रतिष्ठित चैनल का दिवालियापन....लेकिन ख़बरें दिखाकर ख़बरों में बने रहना शायद अब कोई चैनल नहीं चाहता....यही वजह है कि हर कोई बस इसी होड़ में है कि कंटेट कुछ भी हो...रिमोट का बटन उसका चैनल ही दिखाए....

Girish Billore Mukul said...

ye bee sahee hai

Anonymous said...

ब्‍लागजगत में आपका स्‍वागत है।
आजतक ही नहीं सभी ने तालिबान पर फोकस कर रखा है। इन झूठी-सच्‍ची खबरों को दिखाकर पता नहीं कौन सी टीआरपी मिल रही है।

रचना गौड़ ’भारती’ said...

ब्लोगिंग जगत में स्वागत है
लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
सभी चेनल्स पर एकसी न्यूज होंगी तो मज़ा नहीं आता । कुछ तो अलग होना चाहिए ।

Sankar shah said...

bahut achha likha hai apne..aur ummid hai ki age bhi is se badhiya lekh likhte rahenge....bahut bahut subhkamnay...sankar-shah.blogspot.com

अभिषेक मिश्र said...

Sabse tej chal Pakistaan mein hi atak gaya hai shayad yeh. Swagat.

Unknown said...

पाकिस्तानी भूत हमारे सिर चढ़कर बोल रहा है। और कुछ नहीं।

ARUNDEVGATIKAR said...

aapki samajh bahoot achchhi hai, vastav me nishana Pakistan nahi hai, Pakistan ko nishana banaakar Bharat ke Janta ki janvadi aur jivan bachane ke ladae ko ehlog daba rahe hain,
Aapke lekh per ki gai tippani bhi achchi hai. Sabhi doston ko namaskar.

bahas said...

भाई अभिनव साहब..बकौल आपके लगता हैं इंडिया टीवी और आजतक वालो ने एनडीटीवी को चिढ़ाने के लिए कमर कस ली है....बहरहाल..आपने जो देश के सबसे तेज चैनल का हवाला दिया है तो मुझे नहीं याद आता कि आजतक बुलेटिन लाता है अउर रोजना कि खबरे देता है...भई मैने तो उस पर जब भी देखा स्पेशल खबर स्टिंग लगा के देखा..वैसे आपको बता दू कि मै ज्यादा इसे नहीं देखता..फिर भी मेरा ये कहना है कि इस टीआरपी के अंधी दौड़ में ये गनिमत ही है कि आजतक पाकिस्तान,तालिबान और आतंकवादियों से जुड़ी खबरें दिखा रहा है...वर्ना अपना पोजिशन कायम रखने के लिए तो कुछ लोग न जाने क्या-क्या करते है...वैसे आपका धन्यवाद की आपने हमारा ध्यान इस ओर खींचा ...आप इसी तरह अपनी कोशिश जारी रखे और हमें बताते और जगाते रहे कि सब ठिक है या नही....आपका विरोधी.....