तालिबान का तिलिस्म..... पाक का बटन किसके हाथ में?........पाक की सांप-सीढ़ी........कुछ ऐसे ही नाम आपको सबसे तेज़ चैनल के स्क्रीन पर ज़्यादा समय तक देखने को मिलते होंगे। तो इन्हें देखकर आप घबराइएगा नहीं और ना ही ये सोचेइएगा कि क्या ये सबसे तेज़ चैनल की मूर्खता तो नहीं...। दरअसल आजतक जिस हिसाब से पाकिस्तान से जुड़ी ख़बरें दिखाता है, उतना तो भारत का कोई दूसरा चैनल नहीं दिखाता। यहां तक की टाइम्स नाउ जोकि इंडिया का प्रतिष्ठित अंगरेज़ी न्यूज़ चैनल है, वो भी पाकिस्तान की ख़बरों को उतना तवज्जो से नहीं दिखाता। इसके बावजूद आजतक इन खबरों को इतनी गंभीरता से(या कहें बहुत ही ज्यादा) दिखाता है कि उसमें भारत की ख़बरें दब सी जातीं हैं। चाहे वो सुबह का बुलेटिन हो..या फिर दोपहर का बुलेटिन..या फिर रात नौ बजे का प्राइम टाइम बुलेटिन... ज्यादातार बुलेटिन में, जरदारी, नवाज, मुशर्रफ या फिर कियानी की खबर...। इतनी ज्यादा खबर तो आजतक वाले हर रोज सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा या फिर शाहरुख खान की भी नहीं दिखाते होंगे। शायद आजतक वालों का मानसिक दिवालियापन दिन ब दिन बढ़ रहा है या फिर वाकई वो भारतीय चैनल से पाकिस्तानी चैनल की बनने की फिराक में हैं.....। भारत में न्यूज़ चैनलों की बाढ़ सा आ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर इतने ढेर सारे चैनल हैं कि आजतक प्रतिस्पर्धा से घबरा गया होगा। तभी पाक..पाक और सिर्फ पाक...। या फिर तालिबान या अलकायदा....। भईया आज तक को देखने पर ऐसा लगता है मानो ये चैनल भारतीयों के लिए नहीं पाकिस्तानी और तालिबानी लोगों के लिए चलाया जा रहा है।
डिस्केलमर- मैं आजतक के खिलाफ नहीं हूं। अगर कोई एक आम आदमी जो न्यूज चैनल देखता है उससे आज तक के विषय में पूछा जाए तो वो बता सकता है कि इस चैनल पर पाकिस्तान और तालिबान को लेकर कितनी खिचड़ी पकाई जाती है।
डिस्केलमर- मैं आजतक के खिलाफ नहीं हूं। अगर कोई एक आम आदमी जो न्यूज चैनल देखता है उससे आज तक के विषय में पूछा जाए तो वो बता सकता है कि इस चैनल पर पाकिस्तान और तालिबान को लेकर कितनी खिचड़ी पकाई जाती है।

